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हिमाचल में मौसम बदल रहा है करवट, सात जिलों में यलो अलर्ट जारी

हिमाचल में मई में भी मौसम बार-बार करवट बदल रहा है। गर्मी के बीच बारिश व ओलावृष्टि का सिलसिला प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में जारी है। मौसम विभाग ने 13 व 14 मई को प्रदेश के सात जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला व सोलन में आंधी व ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। इस संबंध में यलो वार्निंग यानी लोगों को सचेत रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।

इन दो दिनों में 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की आशंका है। मौसम विभाग की चेतावनी से लोगों खासकर किसानों व बागवानों की चिंता  बढ़ गई है। बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से सेब सहित मटर, टमाटर, शिमला मिर्च, फ्रासबीन आदि अन्य फसलों को पहले ही नुकसान हो चुका है। अब आंधी चली व ओलावृष्टि हुई तो फसलों को काफी नुकसान होगा। रविवार को रोहतांग व मढ़ी में बर्फ के फाहे गिरे। प्रदेश में कुछ क्षेत्रों में बारिश हुई। शिमला जिला में कई स्थानों पर बारिश के साथ ओले गिरे। प्रदेश में सबसे अधिक बारिश व ओलावृष्टि कुफरी में हुई। कल्पा और चंबा में तीन मिलीमीटर, धर्मशाला में 2.6 मिलीमीटर  और मनाली में दो मिलीमीटर बारिश हुई।

देशभर में ऊना सबसे गर्म

हिमाचल ने रविवार को गर्मी में भी रिकॉर्ड बनाया। देशभर में सबसे अधिक तापमान ऊना में 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहाड़ों पर बर्फबारी और कुछ निचले क्षेत्रों में ओलावृष्टि व बारिश भी ऊना के तापमान को कम नहीं कर सकी।

गौरतलब है कि मई के दूसरे सप्ताह में भी हिमाचल में मौसम में अनिश्चितता बनी हुई है। तेज धूप के बाद बारिश व ओलावृष्टि का क्रम बीच-बीच में जारी है। शनिवार को प्रदेश के कुछ ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि व बारिश हुई। रोहतांग दर्रे सहित मनाली व लाहुल की चोटियों में रुक-रुक कर बर्फबारी का क्रम जारी रहा। रविवार को मौसम कुछ हद तक साफ हुआ है। लेकिन दो दिन बारिश व ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।

शनिवार को शिमला व सिरमौर जिलों के कुछ क्षेत्रों सहित कई अन्य स्थानों में ओलावृष्टि से सेब, मटर, टमाटर, शिमला मिर्च, फ्रासबीन आदि फसलों को नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि से करोड़ों रुपये की फसल बर्बाद होने की आशंका है। प्रदेश कृषि विभाग व बागवानी विभाग ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके लिए विभिन्न टीमों को जिम्मा सौंपा गया है। प्रदेश में सबसे अधिक ओलावृष्टि कुफरी में हुई। कुफरी में ओलों की तीन इंच मोटी परत बिछ गई। ओलावृष्टि से वाहनों को चलाने में दिक्कत आई। रोहतांग दर्रे सहित धुंधी की पहाड़ियों, मनालसू जोत, भृगु व दशौहर जोत, मकरवेद व शिकरवेद की पहाड़ियों, हामटा जोत, हनुमान टिब्बा व इंद्रकिला में बर्फ के फाहे गिरे।

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