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दिल्ली विधानसभा चुनावः भाजपा के संकल्प पत्र को कांग्रेस ने बताया झांसा पत्र

कांग्रेस ने भाजपा के संकल्प पत्र को ‘झांसा पत्र’ बताया है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने कहा कि भाजपा ने संकल्प पत्र में 10 लाख रोजगार देने की बात की है। इसी तरह 2014 के लोकसभा चुनाव में सालाना दो करोड़ रोजगार का वादा किया था।

स्थिति यह है कि भाजपा सरकार रोजगार छिन रही हैं। चोपड़ा ने कहा कि देश रिकार्ड बेरोजगारी के दौर से गुजर रहा है। भाजपा ने दिल्ली में सीलिंग रोकने के लिए नए नियम बनाने की बात संकल्प पत्र में की है, लेकिन सीलिंग का सिलसिला लगातार जारी रहने की वजह से छोटे उद्योग धंधे बंद हुए ओर लाखों कामगार बेरोजगार हुए हैं।

बता दें कि शाहीन बाग मामले पर कांग्रेस ने भाजपा और आप को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस का कहना है कि दोनों पार्टियां इस मुद्दे को तूल देकर मतों का ध्रुवीकरण करना चाहती हैं। इसके जरिए दिल्लीवासियों का ध्यान मुख्य मुद्दों से भटकाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस उनके नापाक इरादों को पूरा नहीं होने देगी।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने कालकाजी विधानसभा क्षेत्र में पार्टी उम्मीदवार शिवानी चोपड़ा के प्रचार अभियान के दौरान मीडिया से बातचीत की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में लचर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था, टूटी सड़कें, बढ़ता प्रदूषण और अपराध के अलावा गंदे पानी की जलापूर्ति समेत कई ज्वलंत मुद्दे हैं, लेकिन दोनों पार्टियां मतदाताओं को भ्रमित करने का प्रयास कर रही हैं।

शाहीन बाग मुद्दा काफी संवेदनशील है, परंतु केंद्र और दिल्ली सरकार इसके प्रति पूरी तरह असंवेदनशील हैं। लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है। सीएए और एनआरसी के मसले पर भी प्रतीकात्मक विरोध ही हो रहा है। बच्चे, बुजुर्ग और यहां तक की महिलाएं भी धरने पर बैठी हुई हैं, लेकिन हैरत की बात है कि सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है।

कांग्रेस प्रत्याशी ने जारी किया वचन पत्र
कांग्रेस के रोहताश नगर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी विपिन शर्मा ने क्षेत्र के समग्र विकास के लिए वचन पत्र जारी किया है। प्रत्याशी ने क्षेत्र के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी करने के अलावा सुझाव पेटिका, टेलीकॉलिंग और एसएमएस के जरिये सुझाव मांगे थे। इसे संकलित कर वचन पत्र तैयार किया गया है। इसमें बिजली, पानी, पर्यावरण, महिला सुरक्षा, मनोरंजन, सांस्कृतिक, शिक्षा, स्वच्छता सहित तमाम बुनियादी ढांचे भी शामिल हैं।

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